1950 में जब लीक हो गया था देश का Union Budget, क्या थी घटना और कैसे बदले नियम?
भारत में केंद्रीय बजट पेश होने से पहले सख्त गोपनीयता बरती गोपनीयता बरती जाती है। इसका मुख्य कारण 1950 में हुई एक बड़ी घटना है, जब देश का पहला Union Budget लीक हो गया था। यह घटना भारतीय वित्तीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। उस समय राष्ट्रपति भवन प्रेस में बजट की छपाई चल रही थी, तभी कुछ गोपनीय पृष्ठ समय से पहले लीक हो गए।
इस घटना के बाद तत्कालीन वित्त मंत्री जॉन मथाई को इस्तीफा देना पड़ा था। इस गंभीर चूक के बाद सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। बजट दस्तावेजों की छपाई के लिए नॉर्थ ब्लॉक को एक सुरक्षित स्थान के रूप में चुना गया। इसके साथ ही, ‘लॉक-इन’ पीरियड जैसे सख्त प्रोटोकॉल लागू किए गए।
‘लॉक-इन’ सिस्टम के तहत, बजट बनाने और छापने में शामिल अधिकारियों को वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग कर दिया जाता है। उन्हें तब तक बाहर जाने या किसी से संपर्क करने की अनुमति नहीं होती जब तक कि वित्त मंत्री संसद में बजट पेश नहीं कर देते। यह परंपरा ‘हलवा सेरेमनी’ से शुरू होती है, जो बजट की छपाई शुरू होने का प्रतीक है।
