राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए विक्रमादित्य मार्ग स्थित दिलकुशा क्रॉसिंग पर एक महत्वपूर्ण 4 लेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना लगभग 650 मीटर लंबी होगी...
राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए विक्रमादित्य मार्ग स्थित दिलकुशा क्रॉसिंग पर एक महत्वपूर्ण 4 लेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना लगभग 650 मीटर लंबी होगी और इसके पूरा होने पर करीब तीन लाख लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
इस नए ओवरब्रिज के निर्माण से न केवल विक्रमादित्य मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही के कारण लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि सुलतानपुर रोड, हजरतगंज, लाल बत्ती चौराहा और कटाई वाला पुल (सोमनाथ द्वार) जैसे प्रमुख क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी भी काफी बेहतर हो जाएगी।
बाधाओं का सर्वे पूरा
रेलवे, लेसा, ग्रीन गैस और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रस्तावित स्थल का दौरा कर निर्माण कार्य में आने वाली संभावित बाधाओं, जैसे बिजली की लाइनें, गैस पाइपलाइन और सीवर नेटवर्क का सर्वे पूरा कर लिया है। इन बाधाओं को समय रहते शिफ्ट करने की योजना है ताकि निर्माण कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।
जाम से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में दिलकुशा रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेनों के गुजरने के कारण बार-बार गेट बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। चार लेन का यह पुल बन जाने के बाद वाहन बिना रुके रेलवे लाइन पार कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और यातायात सुचारू रूप से चलेगा।
आवागमन होगा सुगम
नए ओवरब्रिज से शहर के कई प्रमुख हिस्सों के बीच आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। हजरतगंज और सुल्तानपुर रोड के बीच की यात्रा आसान होगी, और लाल बत्ती चौराहा पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। कटाई वाला पुल (सोमनाथ द्वार) के आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।
आधुनिक निर्माण और सुरक्षा
यह ओवरब्रिज आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार बनाया जाएगा। इसके निर्माण से एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी जाम में नहीं फंसना पड़ेगा, जिससे उनकी आवाजाही तेज होगी। रेलवे ने निजी संस्था को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी है और अगले 15-20 दिनों में कार्य शुरू होने की उम्मीद है। वीवीआईपी मूवमेंट वाले विक्रमादित्य मार्ग पर सुरक्षा और सुगमता दोनों का ध्यान रखा जाएगा।