आगरा पर्यटन में रिकॉर्ड उछाल, डेस्टिनेशन वेडिंग्स से बढ़ा आकर्षण (Agra tourism news)
वर्ष 2025 में आगरा के पर्यटन ने कोरोना काल के बाद रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि देखी। ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई, जिसने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। डेस्टिनेशन वेडिंग्स ने भी पर्यटन को पंख लगाए, जिससे बड़े सायों में होटलों में कमरे मिलना मुश्किल हो गया। वर्षों से लंबित पर्यटन योजनाओं के लिए 2025 एक नया सवेरा लेकर आया, जिसमें छत्रपति शिवाजी म्यूजियम का काम शुरू हुआ और आगरा किला में बंद पड़ा साउंड एंड लाइट शो दोबारा शुरू हो गया।
पर्यटन के आंकड़े और डेस्टिनेशन वेडिंग्स का योगदान
वर्ष 2024 में ताजमहल देखने करीब 71 लाख पर्यटक आए थे, जिनमें 63.91 लाख भारतीय और 7.06 लाख विदेशी शामिल थे। 2025 में भी पर्यटकों की संख्या में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी से सितंबर तक 52.54 लाख पर्यटकों ने स्मारक का दीदार किया। क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियों के दौरान 28 दिसंबर को कोविड काल के बाद एक दिन में ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया। इस दिन 48,594 पर्यटकों ने टिकट लेकर ताजमहल निहारा।
ताजनगरी के पर्यटन को सहालग में डेस्टिनेशन वेडिंग के प्रति बढ़ते क्रेज ने भी बढ़ावा दिया। सितारा होटलों में बड़े साये के दिनों में दो से तीन तक शादियां हुईं। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, दिल्ली की अपेक्षा सस्ते होटलों, ताजमहल समेत अन्य पर्यटन आकर्षणों, बेहतरीन सुविधाओं और कनेक्टिविटी के कारण आगरा डेस्टिनेशन वेडिंग का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा।
लंबित परियोजनाओं को मिली गति
शिल्पग्राम पार्किंग के पास निर्माणाधीन मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम कर दिया गया था। 2025 में टाटा प्रोजेक्ट्स ने इस म्यूजियम के निर्माण का काम दोबारा शुरू कर दिया। टाटा प्रोजेक्ट्स ने दिसंबर 2026 तक म्यूजियम का काम पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की है। इसमें शिवाजी महाराज के शौर्य के साथ ही ब्रज की संस्कृति को दर्शाने वाली 12 गैलरियां बनाई जाएंगी।
आगरा किला में तकनीकी खामियों के चलते 1 अप्रैल 2019 से बंद पड़ा साउंड एंड लाइट शो भी दोबारा शुरू हो गया। विश्व बैंक सहायतित प्रो-पुअर टूरिज्म प्रोजेक्ट में करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस शो की शुरुआत विश्व धरोहर दिवस पर 18 अप्रैल को हुई। हिंदी व अंग्रेजी में तैयार किए गए इस शो में होलोग्राम और लेजर लाइटिंग का उपयोग किया गया, जिससे आगरा में पर्यटकों को रात्रि पर्यटन का एक नया आकर्षण मिला।
अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 80 वर्षों के बाद ताजमहल में मुख्य मकबरे के गुंबद पर संरक्षण का काम शुरू किया। करीब 70 लाख रुपये की लागत से यह कार्य किया गया। इस वर्ष बाढ़ आने पर यमुना नदी का जलस्तर ताजमहल की दीवार तक पहुंच गया था। एत्माद्दौला की यमुना किनारा स्थित कोठरियों में छह फीट तक पानी भर गया, जिससे पर्यटक सुविधाओं पर भी असर पड़ा।
