राजस्थान-यूपी सीमा पर अवैध Aravalli mining, डायनामाइट से उड़ाए जा रहे पहाड़
राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित अरावली पर्वत श्रृंखला के एक हिस्से में बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा है। यह क्षेत्र ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) के तहत आता है, जहां पर्यावरण संरक्षण के सख्त नियम लागू हैं। ठेकेदार यहां डायनामाइट का इस्तेमाल कर पहाड़ों को पाताल की ओर ले जा रहे हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
आगरा जिले की खेरागढ़ तहसील और राजस्थान के भरतपुर जिले की सीमा पर यह खनन हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, दिन में राजस्थान की सीमा में खनन होता है, जबकि रात में ठेकेदार उत्तर प्रदेश की सीमा में घुसकर अवैध रूप से पहाड़ों को तोड़ते हैं। रात के समय होने वाले डायनामाइट विस्फोटों से आसपास के गांवों के लोग सो नहीं पाते हैं। तेज धमाकों के कारण मिर्चपुर गांव के कई घरों में दरारें भी आ गई हैं।
खनन से उड़ने वाले धूल के कण ताजमहल के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं। यह क्षेत्र सुप्रीम कोर्ट द्वारा संरक्षित है, लेकिन खनिज विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस प्रशासन के अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर आंखें मूंदे हुए हैं। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह अवैध खनन अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। पत्थर खनन रेड कैटेगरी में आता है और वायु गुणवत्ता को खराब करने में इसका बड़ा योगदान है।
ग्रामीणों ने बताया कि आठ साल पहले खनन माफिया ने विस्फोट कर पहाड़ पर बने एक प्राचीन मंदिर को भी ध्वस्त कर दिया था। विरोध के बाद खनन करने वालों ने मंदिर दोबारा बनवाया। सीमांकन को लेकर भी विवाद है, जहां मुड्डियां (सीमा चिन्ह) सुविधानुसार आगे-पीछे कर दी गई हैं। खनन माफिया रात के अंधेरे में अवैध रूप से पत्थर निकालकर क्रेशर तक पहुंचाते हैं।
