LVM-3 ‘बाहुबली’ रॉकेट लॉन्च, ISRO news: 90 सेकंड की देरी से उड़ान, मोबाइल नेटवर्क पर बड़ा असर
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक मिशन को अंजाम दिया। ISRO के सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM-3 ने अमेरिकी कंपनी AST SpaceMobile के BlueBird Block-2 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया। यह मिशन भारत की वाणिज्यिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और AST SpaceMobile के बीच हुए समझौते के तहत किया गया।
मिशन को निर्धारित समय से 90 सेकंड की देरी से लॉन्च किया गया। ISRO के अधिकारियों ने बताया कि यह देरी रॉकेट के उड़ान पथ में संभावित मलबे या अन्य उपग्रहों से टकराव के जोखिम को टालने के लिए की गई थी। इस देरी के बावजूद, मिशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ और सैटेलाइट को उसकी निर्धारित लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया गया।
मोबाइल कनेक्टिविटी में क्रांति
BlueBird Block-2 सैटेलाइट को विश्वभर में स्मार्टफोन को सीधे हाई-स्पीड सेलुलर ब्रॉडबैंड प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सैटेलाइट वैश्विक LEO तारामंडल का हिस्सा बनेगा, जिसका उद्देश्य स्मार्टफोन को सीधे उपग्रहों से जोड़ना है। यह नेटवर्क दुनिया भर में कहीं भी 4G और 5G वॉयस और वीडियो कॉल, मैसेजिंग, स्ट्रीमिंग और डेटा सेवाओं को सपोर्ट करेगा। यह तकनीक उन दूरदराज के क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी पहुंचाएगी जहां पारंपरिक सेलुलर टॉवर नहीं पहुंच पाते।
LVM-3 की क्षमता
LVM-3, जिसे ‘बाहुबली’ रॉकेट भी कहा जाता है, भारत का सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यान है। इस मिशन में 6,100 किलोग्राम वजनी BlueBird Block-2 सैटेलाइट को ले जाया गया, जो LVM-3 द्वारा LEO में प्रक्षेपित किया जाने वाला अब तक का सबसे भारी पेलोड है। यह मिशन ISRO की वाणिज्यिक क्षमताओं को दर्शाता है और वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की बढ़ती भूमिका को मजबूत करता है।
