बांग्लादेश में हिंदू शख्स की लिंचिंग पर शशि थरूर चिंतित, ‘मॉब रूल’ पर दी चेतावनी
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बांग्लादेश में एक हिंदू शख्स की लिंचिंग की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश में मॉब रूल (भीड़ का शासन) हावी हो रहा है, जो लोकतंत्र और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है। थरूर ने बांग्लादेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और असहिष्णुता के बढ़ते माहौल पर चिंता जताई।
यह घटना एक हिंदू शख्स दीपू चंद्र दास से जुड़ी है, जिस पर पैगंबर मोहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। भीड़ ने दीपू चंद्र दास को पीट-पीटकर मार डाला, उसके शव को पेड़ से बांध दिया और आग लगा दी। थरूर ने कहा कि ऐसी हिंसा को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
थरूर ने बांग्लादेश में मीडिया संस्थानों पर हो रहे हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने ‘प्रोथोम आलो’ और ‘द डेली स्टार’ के कार्यालयों पर हुए हमलों को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपनी जान का डर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने खुलना और राजशाही में भारतीय सहायक उच्चायोगों में वीजा सेवाओं के निलंबन पर भी चिंता व्यक्त की, जिससे सीमा पार आवाजाही प्रभावित हुई है।
थरूर ने कहा कि संसदीय स्थायी समिति ने भारत-बांग्लादेश संबंधों पर अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि मौजूदा स्थिति 1971 के बाद भारत के लिए सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती बन सकती है। समिति ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद इस्लामी ताकतों की वापसी और चीन-पाकिस्तान के बढ़ते प्रभाव को चिंता का विषय बताया है। थरूर ने अंतरिम सरकार से लोकतांत्रिक मानदंडों की रक्षा करने और रचनात्मक संवाद के माध्यम से शांति बहाल करने का आग्रह किया है।
