यूपी में Fasal Bima Yojana पर सवाल, 45 लाख प्रीमियम के बदले 7 लाख भुगतान, किसानों का भरोसा टूटा
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Fasal Bima Yojana) के तहत किसानों को मिलने वाले लाभ को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। बीते वर्ष बीमा कंपनी ने किसानों से 45.73 लाख रुपये का प्रीमियम वसूला, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के बदले में किसानों को केवल 7.69 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया। यह विसंगति किसानों के बीच योजना की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
आंकड़ों के अनुसार, रबी 2024-25 के मौसम में कुल 5909 किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया था। हालांकि, जब क्षतिपूर्ति की बारी आई, तो इनमें से केवल 416 किसानों को ही लाभ मिल सका। यह संख्या कुल बीमित किसानों का लगभग 7 प्रतिशत है। प्रीमियम और भुगतान के बीच का बड़ा अंतर (लगभग 17 प्रतिशत भुगतान) बताता है कि योजना का लाभ सीमित दायरे में सिमट कर रह गया, जिससे किसानों का भरोसा डगमगाया है।
योजना में किसानों की भागीदारी के तरीके पर भी सवाल उठे हैं। कुल बीमित किसानों में से 5,814 किसान ऋणी थे, जिनका बीमा बैंक के माध्यम से स्वतः कर दिया गया था। इसके विपरीत, केवल 95 गैर-ऋणी किसानों ने स्वेच्छा से योजना में पंजीकरण कराया। यह स्थिति दर्शाती है कि अधिकांश किसानों ने अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि ऋण से जुड़ी बाध्यता के कारण बीमा कराया।
संभल के उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने इस संबंध में कहा कि फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। उन्होंने दावा किया कि किसानों को जागरूक किया जाता है और नियमों के आधार पर क्षतिपूर्ति दिलाई जाती है। हालांकि, आंकड़ों में दिख रही विसंगति किसानों के बीच योजना के प्रति असंतोष का कारण बन रही है।
