आगरा लोक अदालत का ऐतिहासिक फैसला: एक दिन में 7.76 लाख मामलों का निपटारा, टोरेंट पावर के सैकड़ों केस भी हुए हल
आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन वादकारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। दीवानी परिसर में आयोजित इस विशेष अदालत ने एक ही दिन में 7.76 लाख वादों का निस्तारण कर दिया। जिला जज संजय कुमार मलिक ने दीप जलाकर लोक अदालत की शुरुआत की, जिसमें बड़ी संख्या में वादकारी पहुंचे। इस दौरान विभिन्न प्रकार के मामलों पर सुनवाई हुई और उनका निपटारा किया गया।
टोरेंट पावर से जुड़े 510 मामलों का निपटारा नौ लाख रुपये की समझौता राशि के साथ किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के पीठासीन अधिकारी नरेंद्र कुमार पांडेय ने 87 वादों का निस्तारण किया, जिसमें पीड़ित पक्षों को 6 करोड़ 45 लाख 26 हजार 606 रुपये की प्रतिपूर्ति धनराशि प्रदान की गई। यह राशि पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हुई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अन्य न्यायालयों द्वारा 18,155 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने भी 52 वादों का निस्तारण किया और 84 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा, वर्चुअल न्यायालय ने 1 लाख 140 मोटर वाहन चालानों का निस्तारण किया। पुलिस, ग्रीन गैस, वैवाहिक प्री-लिटिगेशन, बीएसएनएल और बैंक से संबंधित 6 लाख 54 हजार 445 वादों का भी निपटारा किया गया, जिससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आई और लोगों को त्वरित न्याय मिला।
