संसद में उठी आगरा को आईटी हब बनाने की मांग, जानिए क्यों?
फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने शुक्रवार को संसद में नियम 377 के तहत संसद में आगरा और भरतपुर में टीटीजेड का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि टीटीजेड और एनजीटी के प्रतिबंधों को देखते हुए आगरा को आईटी हब बनाया जाए। सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, मथुरा और भरतपुर जनपदों में ताज ट्रिपेजियम ज़ोन (टीटीजेड) और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के कड़े पर्यावरणीय प्रतिबंधों के कारण इन क्षेत्रों में बड़े और भारी उद्योगों की स्थापना संभव नहीं हो पाती है। इसके परिणामस्वरूप, हज़ारों नौजवानों को सीमित रोज़गार मिलता है और बढ़ती बेरोजगारी के कारण युवा अन्य शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
चाहर ने ज़ोर दिया कि आगरा देश के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन नगरों में से एक है और दिल्ली की राष्ट्रीय राजधानी के निकट होने के कारण रणनीतिक और वाणिज्यिक दृष्टि से भी उपयुक्त है। केंद्र सरकार से अपील की है कि यदि आगरा को आईटी हब के रूप में विकसित किया जाता है, तो न केवल इस क्षेत्र के युवाओं का पलायन रुकेगा, बल्कि आगरा और आसपास के जिलों के आर्थिक विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी। यह मांग स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
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