संसद में ई-सिगरेट पर बवाल, 10 नए बिल पेश करने की तैयारी; जानें क्या है SIR प्रोसेस
संसद के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार को 10वां दिन है। चुनाव सुधार, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और वोट चोरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्यसभा में चर्चा जारी रही। इससे पहले गुरुवार को लोकसभा में एक अप्रत्याशित विवाद सामने आया, जब भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने स्पीकर ओम बिरला को शिकायत करते हुए कहा कि टीएमसी सांसद सदन के अंदर ई-सिगरेट पी रहे हैं। इस पर स्पीकर ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री की बात छोड़िए, हम सदन परिसर में ई-सिगरेट पी सकते हैं। बिल्डिंग के अंदर सिगरेट नहीं पी सकते, लेकिन बाहर पी सकते हैं।
शीतकालीन सत्र में 10 नए बिल पेश होने वाले हैं, जो देश की नीतियों में बड़े बदलाव ला सकते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण एटॉमिक एनर्जी बिल है। यह बिल निजी कंपनियों (भारतीय और विदेशी) को पहली बार न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अनुमति देने का प्रस्ताव करता है। वर्तमान में, केवल सरकारी नियंत्रण वाली कंपनियां जैसे NPCIL ही परमाणु संयंत्रों का निर्माण और संचालन करती हैं। इस बिल के पास होने से निजी क्षेत्र के लिए परमाणु ऊर्जा उत्पादन के द्वार खुल जाएंगे।
दूसरा बड़ा बिल ‘हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया’ बिल है। इसका उद्देश्य UGC, AICTE और NCTE जैसे विभिन्न नियामक संस्थानों को समाप्त करके एक ही राष्ट्रीय कमीशन बनाना है। सरकार का मानना है कि यह कदम उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुगम और प्रभावी बनाएगा।
इस सत्र में चर्चा का विषय रहे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया को समझना भी महत्वपूर्ण है। यह चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट को अपडेट करने की एक प्रक्रिया है। इसमें 18 वर्ष से अधिक आयु के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है, जबकि मृत या स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं। BLO घर-घर जाकर यह प्रक्रिया पूरी करते हैं, जिससे वोटर लिस्ट की सटीकता सुनिश्चित होती है।
