लखनऊ की सड़कों पर ‘कन्फ्यूजन’ वाले साइन बोर्ड, लोग बोले- ‘समझना मुश्किल, आसान भाषा का इस्तेमाल हो’
लखनऊ की सड़कों पर लगे यातायात साइन बोर्ड आम लोगों के लिए असमंजस पैदा कर रहे हैं। इन बोर्डों पर कठिन भाषा और अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे यातायात नियमों को समझना मुश्किल हो गया है। अलीगंज निवासी शिवम और अजीत जैसे कई लोगों का कहना है कि वे अक्सर इन बोर्डों को देखकर अनदेखा कर देते हैं क्योंकि इनकी भाषा समझ से परे होती है।
हजरतगंज, वजीरगंज और महानगर जैसे इलाकों में भी यही हाल है। बोर्डों पर ‘हाल्ट एंड गो फार टीएसआर’, ‘क्रैश प्रोन जोन’ और ‘नो स्टैंडिंग’ जैसे शब्द लिखे हैं, जो आम जनता की समझ से बाहर हैं। लोगों का कहना है कि इन बोर्डों से मदद नहीं मिलती, बल्कि भ्रम की स्थिति बनती है। सुल्तानपुर रोड के रवि ने मांग की है कि सरकारी कामकाज की भाषा हिंदी है, इसलिए बोर्डों पर भी आसान हिंदी का इस्तेमाल होना चाहिए ताकि हर आयु वर्ग के लोग नियमों का पालन कर सकें।
यातायात पुलिस उपायुक्त कमलेश दीक्षित ने बताया कि ये बोर्ड लोक निर्माण विभाग, एनएचएआइ और नगर निगम जैसे कई विभागों द्वारा लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस संबंधित विभागों से समन्वय कर रही है और पत्राचार किया जा रहा है ताकि बोर्डों की भाषा को आसान बनाया जा सके और आम जनता को सुविधा हो।
