80 करोड़ खर्च, सुप्रीम कोर्ट का आदेश… फिर भी दिल्ली में टोल नाकों पर जाम से हाहाकार!
दिल्ली में प्रवेश के लिए व्यावसायिक वाहनों से वसूले जाने वाले टोल वसूली के कारण लगने वाले जाम की समस्या खत्म नहीं हो रही है। पहले इस समस्या को खत्म करने के लिए रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआइडी) युक्त करने के लिए 80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। फिर भी जाम खत्म नहीं हुआ तो एमसीडी ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) की वसूली में असमानता को जाम का कारण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से इसे खत्म करा लिया। ईसीसी में असमानता खत्म हुए भी दो माह का समय हो गया है, लेकिन टोल नाकों पर जमीनी स्थिति अभी तक नहीं बदली है।
टोल वसूली के कारण दिल्ली के ज्यादातर टोल नाकों पर दिल्ली में प्रवेश करने वाले लोग जाम से जूझते हैं। साथ ही लोगों का कीमती समय इस जाम में बीतता है। जबकि एनएच-नौ पर लगने वाले जाम को ही खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे जैसी परियोजना करीब ग्यारह हजार करोड़ की लागत से बनाई। लेकिन एमसीडी का टोल केंद्र सरकार की इस परियोजना पर पानी फेर रहा है।
दिल्ली में एमसीडी टोल के कारण जाम की सर्वाधिक खराब स्थिति गाजीपुर टोल नाके पर दिल्ली में प्रवेश करने से होती है। यहां पर फ्री लेन में भी एमसीडी के टोल वसूलने वाले कंपनी के कर्मचारी वाहनों के सामने आकर टोल वसूली करते हैं। इसके कारण पीछे तक लंबा जाम लग जाता है और लोगों का एक घंटा तक का समय जाम में खराब हो जाता है।
फ्री लेन के अलावा विनोद नगर मेट्रो डिपो के सामने एमसीडी टोल और गाजीपुर मंडी पर एमसीडी टोल के कारण जाम लगता है। इसी प्रकार की स्थिति चिल्ला बार्डर और फिर कालिंदीकुंज बार्डर की होती है। जहां पर एमसीडी के टोल लोगों के परेशानी का सबब बन रहा है। यहां पर घंटो-घंटो भर जाम लग रहा है। इससे जरुरी कार्यों के लिए जाने वाले लोग प्रतिदिन इसके कारण देरी से पहुंचते हैं। साथ ही जाम के कारण वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। जबकि वायु प्रदूषण को ही कम करने का हवाला देकर 80 करोड़ की लागत से एमसीडी के 13 प्रमुख टोल नाकों को आरएफआइडी युक्त किया गया था।
एमसीडी दिल्ली में प्रवेश करने वाले व्यावसायिक वाहनों से टोल की वसूली करती है। इससे निगम को करीब एक हजार करोड़ रुपये का सालाना राजस्व मिलता है। दिल्ली में प्रवेश के लिए 156 प्रवेश प्वाइंट हैं। इसमें 13 प्रमुख प्वाइंट हैं जहां से 85 प्रतिशत दिल्ली में यातायात प्रवेश करता है। ज्यादातर इन प्वाइंट पर ही जाम लगता है।
