झारखंड बार काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू, 25 हजार अधिवक्ता डालेंगे वोट
झारखंड स्टेट बार काउंसिल का चुनाव मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जल्द चुनाव प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। राज्य में 25 हजार अधिवक्ता मतदाता हैं। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाई पावर कमेटी का गठन किया है। बार काउंसिल के चेयरमैन राजेंद्र कृष्ण ने कहा कि जल्द ही चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
झारखंड स्टेट बार काउंसिल का कार्यकाल 28 जुलाई 2023 को समाप्त हो गया था। बार काउंसिल आफ इंडिया के निर्देश के बाद यहां तदर्थ कमेटी ही काउंसिल का संचालन कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश के बार काउंसिल का चुनाव पांच चरण में करने का आदेश दिया है, जिसमें झारखंड का चुनाव तीसरे चरण में होना है। तीसरे चरण का चुनाव 15 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
वकीलों का सत्यापन कार्य पूरा नहीं होने पर काउंसिल का कार्यकाल बढ़ाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सदस्यता सत्यापन के नाम पर चुनाव को रोका नहीं जा सकता है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने क्षेत्रीय स्तर पर हाई पावर इलेक्शन मानिटरिंग कमेटियां और राष्ट्रीय स्तर पर एक हाई पावर सुपरवाइजरी कमेटी गठित की है, जिसका नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश कर रहे हैं।
बार काउंसिल के चेयरमैन राजेंद्र कृष्ण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत जल्द से जल्द चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष और बार काउंसिल आफ इंडिया से विचार-विमर्श होगा। राज्य में अभी 25 हजार अधिवक्ता मतदाता हैं, जिन्हें चुनाव प्रक्रिया में शामिल करना है। सत्यापन का कार्य चलता रहेगा।
इस बार जिला बार संघों और हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के पदधारी चुनाव लड़ सकते हैं या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बार काउंसिल आफ इंडिया ने वर्ष 2016 में ‘वन मैन वन पोस्ट’ का नियम बनाते हुए कहा था कि एक साथ दो संघों में पदधारी नहीं रहा जा सकता है। हालांकि, बिहार स्टेट काउंसिल के चुनाव में इस नियम को शिथिल कर दिया गया था। ऐसे में हाई पावर कमेटी और बार काउंसिल आफ इंडिया ही इस पर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
