फिटनेस के लिए थोड़ा ‘मतलबी’ बनें: सिर्फ डाइट नहीं, ये आदतें भी हैं जरूरी
बचपन से हमें सिखाया जाता है कि ‘बांटकर खाना चाहिए’ और ‘दूसरों की खुशी पहले आती है’। ये मूल्य निश्चित रूप से सराहनीय हैं, लेकिन जब बात हमारी फिटनेस और सेहत की आती है, तो कभी-कभी यही आदतें हमारे रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन सकती हैं। एक फिट और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए, हमें अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी होगी, भले ही इसके लिए हमें थोड़ा ‘सेल्फिश’ बनना पड़े।nnहम अक्सर दोस्तों के साथ देर रात तक पार्टी करने या परिवार के साथ बातचीत में अपनी नींद कुर्बान कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, एक फिट शरीर के लिए पर्याप्त नींद सबसे महत्वपूर्ण है। जब हम 7-8 घंटे की गहरी नींद लेते हैं, तो हमारी मांसपेशियां ठीक होती हैं और शरीर फैट बर्न करने के लिए तैयार होता है। इसलिए, अगर सोने का समय हो गया है, तो बिना झिझक फोन बंद करें और दूसरों को ‘गुड नाइट’ कहकर सो जाएं। यह कोई स्वार्थ नहीं, बल्कि आपके शरीर की जरूरत है।nnभारतीय संस्कृति में मेहमाननवाजी का विशेष स्थान है, जहां ‘बस एक और’ या ‘थोड़ा-सा चख लो’ कहकर हमें अक्सर अनहेल्दी चीजें खाने के लिए मजबूर किया जाता है। यहां आपको थोड़ा ‘दृढ़’ बनना होगा। यदि आप अपनी डाइट पर हैं या आपका पेट भर चुका है, तो मुस्कुराते हुए लेकिन दृढ़ता से ‘ना’ कहना सीखें। लोग शायद एक पल के लिए बुरा मान सकते हैं, लेकिन बाद में आपकी फिटनेस देखकर वही लोग आपकी तारीफ करेंगे। आपकी प्लेट में क्या जाएगा, इसका नियंत्रण पूरी तरह आपके हाथ में होना चाहिए, न कि दूसरों के।nnजिम जाने के समय पर घर का काम आ जाना या दोस्तों का अचानक मिलना, ये सब आम बहाने हैं जिनकी वजह से हम अपना वर्कआउट छोड़ देते हैं। फिट रहने वाले लोग अपने वर्कआउट के समय को लेकर बहुत ‘सेल्फिश’ होते हैं। दिन का वह 45 मिनट या 1 घंटा सिर्फ उनके लिए होता है। उस समय वे फोन को साइलेंट रखते हैं और बाकी दुनिया से कट जाते हैं। जब आप खुद को यह समय देंगे, तभी आप शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन पाएंगे। दूसरों के लिए आप बाकी 23 घंटे उपलब्ध रह सकते हैं, लेकिन वह 1 घंटा सिर्फ आपके शरीर का हक है।nnफिटनेस का मतलब सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी है। यदि आप हर किसी की समस्या सुनने, गॉसिप करने या दूसरों के ड्रामे में उलझे रहेंगे, तो आपका स्ट्रेस लेवल बढ़ जाएगा। ज्यादा स्ट्रेस का सीधा मतलब है पेट की चर्बी का बढ़ना। इसलिए, अपनी मानसिक शांति के लिए थोड़ा ‘मतलबी’ बनें। उन लोगों या बातों से दूरी बनाएं जो आपको तनाव देते हैं। अपनी ऊर्जा को अपने वर्कआउट और खुश रहने में लगाएं, न कि दूसरों की नकारात्मकता में। अपनी सेहत के लिए थोड़ा ‘सेल्फिश’ होना, आपके समग्र कल्याण के लिए एक आवश्यक कदम है।”
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लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
