राम मंदिर के बाद अब बाबर रोड का नाम बदलने की उठी मांग, हिंदू सेना ने की अयोध्या रोड की पैरवी
नई दिल्ली के बंगाली मार्केट इलाके में स्थित बाबर रोड का नाम बदलकर अयोध्या रोड करने की मांग जोर पकड़ रही है। हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में अपनी मांगें रखी हैं, जिसका नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने किया। गुप्ता ने कहा कि बाबर कोई संत नहीं, बल्कि एक क्रूर विदेशी हमलावर था जिसने भारत में सैकड़ों मंदिरों को ध्वस्त किया था।
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐसे में, राजधानी दिल्ली की सड़कों पर एक ऐसे हमलावर के नाम का बने रहना, जिसने सदियों पहले भारत को लूटा और अपमानित किया, संगठन के सदस्यों को खटक रहा है। विष्णु गुप्ता ने कहा कि जब भी वे बाबर रोड से गुजरते हैं, तो उन्हें गुलामी के उस दौर और बाबर द्वारा भारत के साथ किए गए अत्याचारों की याद आती है। उन्होंने सवाल उठाया कि संतों और ऋषियों की भूमि भारत में विदेशी अत्याचारियों का महिमामंडन क्यों किया जाना चाहिए?
हिंदू सेना के अनुसार, उन्होंने इस मुद्दे को लेकर नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) को कई बार पत्र लिखे हैं। इन पत्रों के माध्यम से बाबर रोड का नाम बदलने और इसे अयोध्या रोड जैसे गरिमामय नाम से प्रतिस्थापित करने का आग्रह किया गया है। हालांकि, अब तक एनडीएमसी की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे संगठन के सदस्यों में निराशा है। यह मांग राम मंदिर आंदोलन की भावना से भी जुड़ी हुई बताई जा रही है, जहां देश भर में उन प्रतीकों को हटाने की मांग उठ रही है जो ऐतिहासिक रूप से आक्रांताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
