कोहरे का कहर: सप्तक्रांति 15 घंटे लेट, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
उत्तर भारत में कोहरे का प्रकोप ट्रेनों की रफ्तार पर भारी पड़ रहा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोरखपुर-लखनऊ-दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर ट्रेनों का समय पालन पूरी तरह से बिगड़ गया है। शुक्रवार को भी दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चलीं।
सबसे अधिक परेशानी आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली 12558 सप्तक्रांति एक्सप्रेस के यात्रियों को हुई, जो 15 घंटे की देरी से गोरखपुर पहुंची। यह ट्रेन सुबह 03:40 बजे पहुंचने के बजाय शाम 06:45 बजे पहुंची। इसी तरह, 15274 सत्याग्रह एक्सप्रेस भी पांच घंटे विलंबित रही। इन ट्रेनों के यात्रियों को लंबी यात्रा के दौरान काफी कष्ट झेलना पड़ा और गोरखपुर पहुंचने पर उन्होंने रेलवे के प्रति नाराजगी जाहिर की।
गोरखपुर से आनंद विहार जाने वाली 15057 साप्ताहिक एक्सप्रेस भी आठ घंटे की देरी से अपने गंतव्य पर पहुंची, जिससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, कुछ ट्रेनों जैसे गोरखधाम, वैशाली और बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की गति में सुधार हुआ था, लेकिन वे भी आधा से दो घंटे तक विलंबित रहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर माह में कोहरे की सघनता बढ़ने के साथ ही ट्रेनों की रफ्तार और भी धीमी हो जाएगी। रेलवे प्रशासन ने कोहरे के दौरान ट्रेनों की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की है। इस समस्या के समाधान के तौर पर, एक दिसंबर से 15 फरवरी तक गोरखपुर-आनंद विहार साप्ताहिक एक्सप्रेस सहित 24 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, हमसफर और बाघ एक्सप्रेस जैसी 26 ट्रेनों के फेरों में भी कटौती की गई है। ऐसे में, उम्मीद है कि फरवरी के मध्य के बाद ही रेल यातायात सामान्य हो पाएगा।
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