गोरखपुर के व्यापारी से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 93.61 लाख की ठगी
गोरखपुर में एक प्रतिष्ठित व्यवसायी को क्रिप्टो ट्रेडिंग के सुनहरे सपने दिखाकर साइबर ठगों ने करोड़ों की चपत लगा दी। जालसाजों ने करीब 93.61 लाख रुपये की ठगी को अंजाम देते हुए पीड़ित को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। यह घटना 28 अक्टूबर से 14 नवंबर 2025 के बीच तब हुई जब ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में पीड़ित से पैसे मंगवाए।
सूत्रों के अनुसार, मिर्जापुर (राजघाट) निवासी व्यवसायी विजय आनंद लोहिया ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें एक लिंक के माध्यम से यूएसडीटी स्टेकिंग और ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। जालसाजों ने 30 दिनों में मोटी कमाई का वादा किया था। शुरुआत में, पीड़ित ने माखनगंज शाखा के एक बैंक खाते में एक लाख रुपये भेजे।
विश्वास जीतने के लिए, ठगों ने पहले निवेश पर अच्छा मुनाफा दिखाया और फिर कई किश्तों में यूएसडीटी खरीदने, स्टेकिंग और मेंटेनेंस फीस के नाम पर रकम ट्रांसफर करवाई। अंततः, पीड़ित को बताया गया कि उनका कुल 93.36 लाख रुपये का निवेश क्रिप्टो ट्रेडिंग में डूब गया है और अब पैसे वापस नहीं मिल सकते।
पुलिस को दी गई शिकायत में व्यवसायी ने बताया कि ठग लगातार चैट और कॉल के माध्यम से संपर्क में थे और निवेश बढ़ाने के लिए उस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना रहे थे। फर्जी मुनाफे का प्रलोभन देकर उससे लगातार पैसे जमा कराए गए।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब ‘ऋतिका गुप्ता’ नामक एक युवती ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती की और व्हाट्सएप पर संपर्क बढ़ाया। उसने खुद को एक व्यापारी बताते हुए क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। बातचीत के दौरान, उसने पीड़ित को ‘साकेत मित्तल’, ‘आकाश’, ‘संजीव’ और ‘मेघना’ जैसे अन्य जालसाजों से भी मिलवाया, जो खुद को ‘ट्रस्ट क्वाइन ट्रेडिंग’ नामक क्रिप्टो कारोबार के संचालक बता रहे थे।
शुरुआत में, 10 हजार रुपये का निवेश कराकर तीन दिनों तक फर्जी मुनाफा दिखाया गया और उसका कुछ हिस्सा वापस भी भेजा गया, जिससे पीड़ित का भरोसा और बढ़ गया। इसके बाद, पांच दिन की ट्रेडिंग ऑफर दी गई, जिसमें प्रतिदिन 30 प्रतिशत कमीशन का वादा किया गया। इसी लालच में पीड़ित से लगातार रुपये जमा कराए गए, और बैलेंस एप पर 1.31 करोड़ रुपये की फर्जी रकम दिखने लगी।
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों की पहचान के लिए प्रयास जारी हैं। बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि ठगों को पकड़ा जा सके और पीड़ित को न्याय मिल सके।
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