मथुरा डीएम ने सुपरवाइजरों को लगाई फटकार, बीएलओ की तरह सक्रिय रहने का निर्देश
मथुरा में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने सुपरवाइजरों की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि एक ही जगह बैठकर काम नहीं होगा। उन्होंने सुपरवाइजरों को निर्देश दिया कि वे बीएलओ की तरह घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करें और अभियान को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि सुपरवाइजरों से ही बीएलओ को बल मिलता है, इसलिए उनका सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
सदर तहसील के सभी सुपरवाइजरों के साथ हुई इस बैठक में डीएम ने सभी डिप्टी कलेक्टरों के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सदर में प्रति 50 बूथ पर एक डिप्टी कलेक्टर की ड्यूटी लगाई गई है, फिर भी कार्य की गति धीमी है, जिसके लिए उन्होंने सुपरवाइजरों को जिम्मेदार ठहराया। जिले में कुल 219 सुपरवाइजर कार्यरत हैं, जिनमें सदर में 49, छाता में 42, मांट में 44, गोवर्धन में 39 और बल्देव में 45 सुपरवाइजर शामिल हैं। डीएम ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी को पूरी गंभीरता और सक्रियता से जुटने का आदेश दिया।
इसी बीच, महावन तहसील परिसर में लेखपाल संघ ने एसआइआर (SIR) के संबंध में फतेहपुर में एक लेखपाल की आत्महत्या के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें मृत लेखपाल के परिवार के लिए 50 लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। लेखपाल संघ के अध्यक्ष पवन चौधरी के नेतृत्व में विकास तिवारी, राजेश यादव, डालचंद, नीरज, पंकज, रिंकू, महेंद्र प्रताप, मेहताब, रमेश चंद्र चाहर सहित अनेक लेखपाल इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
