मथुरा के होली मोहल्ले में ‘विकास की दिवाली’ का इंतज़ार, कच्ची सड़कें और जलभराव बनी मुसीबत
मथुरा शहर का होली मोहल्ला इन दिनों मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। मोहल्ले की कच्ची सड़कें और बरसात के मौसम में होने वाला जलभराव स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर समस्या बन गया है। बारिश के दिनों में इन सड़कों का हाल दलदल जैसा हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है, और कई बार वे कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।
मोहल्ले में जल निकासी के लिए उचित नालियों का अभाव है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी और बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो जाता है, जिससे न केवल गंदगी और बदबू फैलती है, बल्कि मच्छरों और अन्य कीटाणुओं के पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है, कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, कच्ची और ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर बने गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। राहगीर, खासकर बच्चे और बुजुर्ग, अक्सर ठोकर खाकर गिर जाते हैं। बरसात के मौसम में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि आगामी वर्षा ऋतु से पहले होली मोहल्ले में पक्की सड़कों और नालियों का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्याओं पर संज्ञान लिया जाएगा और उन्हें ‘विकास की दिवाली’ का अनुभव करने का अवसर मिलेगा, जहां वे पक्की सड़कों और स्वच्छ वातावरण में जीवन यापन कर सकेंगे।
