अवैध निर्माणों पर नकेल: मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में जांच के आदेश
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में अवैध निर्माणों को लेकर चल रहे भ्रष्टाचार के एक स्ट्रिंग ऑपरेशन में हुए चौंकाने वाले खुलासे के बाद प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। वायरल हुए वीडियो का तत्काल संज्ञान लेते हुए, उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह ने रमणरेती मार्ग पर स्थित भवनों के नक्शों की जांच कराने का निर्देश दिया है। इस गंभीर मामले की पड़ताल के लिए चार सदस्यीय एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह जांच टीम यह सुनिश्चित करेगी कि कहीं किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा अवैध निर्माण तो नहीं किया गया है। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने में कमी देखी जा रही है। मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नेशनल हाईवे से जुड़े इलाकों में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए धड़ल्ले से व्यावसायिक और आवासीय निर्माण कार्य चल रहे हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के एक जेई के पास बैठा एक व्यक्ति, जो खुद को आर्किटेक्ट बता रहा था, आवासीय भूमि पर होटल जैसे व्यावसायिक निर्माण की बात कर रहा था। इस वीडियो के वायरल होते ही प्राधिकरण में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए उपाध्यक्ष एसबी सिंह ने तुरंत जांच के आदेश जारी किए।
इस जांच के लिए गठित चार सदस्यीय टीम में प्राधिकरण के सचिव आशीष कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता अमरदीप, सहायक अभियंता सुमित कुमार और अवर अभियंता अनिल सिंघल को शामिल किया गया है। यह टीम प्रेम मंदिर से लेकर बांके बिहारी मंदिर मार्ग तक के सभी भवनों का भौतिक सत्यापन करेगी। टीम नक्शों और मौके पर मौजूद निर्माण की तुलना करेगी। यदि किसी भी भवन में अवैध निर्माण पाया जाता है, तो तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उपाध्यक्ष एसबी सिंह ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद जहां भी बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण पाया जाएगा, उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई प्राधिकरण में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
