समाजवादियों ने संविधान दिवस पर बाबा साहब को किया नमन, लोकतंत्र की नींव को किया याद
मथुरा। समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को संविधान दिवस के अवसर पर डैम्पियर नगर स्थित अपने महानगर कार्यालय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव एवं महानगर महासचिव अभिषेक यादव ने कहा कि भारतीय संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया था और 26 जनवरी 1950 को यह देश में लागू हुआ, जिसने भारत को एक गणराज्य के रूप में स्थापित किया।
बाबा साहब अम्बेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष रमेश सैनी ने अपने संबोधन में संविधान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान संसद, सरकार, न्यायपालिका और देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों एवं कर्तव्यों को परिभाषित करता है, जिससे एक सुचारू और न्यायपूर्ण शासन प्रणाली सुनिश्चित होती है।
इस कार्यक्रम में पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें राजेंद्र फेरारी, कोमल किशोर, विकास कुमार, जय शर्मा, मुकेश गोयल, और नरेंद्र कुमार जैसे नाम शामिल थे। सभी ने मिलकर डॉ. आंबेडकर के योगदान को याद किया और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन समाजवादियों द्वारा संविधान के आदर्शों और उसके निर्माण में डॉ. आंबेडकर के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।
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