लखनऊ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से अवैध वसूली, विरोध पर अभद्रता
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से अवैध वसूली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। डीआरएम कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर स्थित रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को न केवल तय किराए से अधिक राशि चुकानी पड़ रही है, बल्कि विरोध करने पर दुर्व्यवहार और मारपीट का भी सामना करना पड़ रहा है। बुधवार देर रात चेन्नई-लखनऊ एक्सप्रेस से लखनऊ पहुंचे एक यात्री के साथ इसी तरह की घटना हुई, जहां उनसे कैबवे शुल्क के नाम पर निर्धारित 60 रुपये के बजाय 100 रुपये मांगे गए।
सूत्रों के अनुसार, एसी सेकंड बोगी में यात्रा कर रहे यात्री राहुल वर्मा भोपाल से अपने माता-पिता के साथ लखनऊ आए थे। स्टेशन पर उतरने के बाद घर जाने के लिए उन्होंने कैब बुक कराया। कैब-वे पर खड़े एक कर्मचारी ने उनसे चार पहिया वाहन के लिए तय 60 रुपये के बजाय 100 रुपये की मांग की। जब यात्री ने शुल्क वृद्धि के आदेश के बारे में पूछा, तो कर्मचारी ने कहा कि चेन्नई वाली ट्रेन के यात्रियों से 100 रुपये ही लिए जाते हैं। इस पर यात्री ने आपत्ति जताई, जिसके बाद कैबवे के अन्य कर्मचारी भी वहां जमा हो गए और यात्री के साथ अभद्रता करने लगे। आरोप है कि बुजुर्ग माता-पिता के सामने यात्री के साथ मारपीट भी की गई।
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया है और जांच की खानापूर्ति शुरू कर दी है। हालांकि, लखनऊ जंक्शन के कैबवे पर यात्रियों से अधिक वसूली और अभद्रता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले एक महीने में ऐसे आठ यात्रियों ने रेलवे से शिकायत दर्ज कराई है, जिन्होंने अधिक वसूली और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। हर बार रेलवे की ओर से जांच का आश्वासन दिया गया, लेकिन आरपीएफ ने जांच के बाद शिकायतों को निस्तारित दिखाकर मामले बंद कर दिए। यात्रियों का कहना है कि जब तक ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
