इंडिगो संकट का 5वां दिन: 800 से अधिक उड़ानें रद, सरकार ने भेजा नोटिस, यात्री बेहाल
घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो की शनिवार को लगातार पांचवें दिन 800 से अधिक उड़ानें रद होने से यात्री हलकान रहे। कंपनी ने एक दिन पहले 1600 उड़ानें रद की थीं, जो देश के विमानन इतिहास में किसी भी भारतीय एयरलाइन द्वारा एक दिन में उड़ानें रद करने का एक रिकॉर्ड है। इंडिगो सामान्य रूप से प्रतिदिन 2300 उड़ानें संचालित करती है। एयरलाइन ने कहा कि उसने शनिवार को 1500 उड़ानें संचालित कीं।
घरेलू विमानन सेवा में इंडिगो की 64 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसलिए उड़ानें थमने से हजारों यात्री देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से शनिवार को 106 उड़ानें रद हुईं। कलकत्ता हवाई अड्डे पर 41 उड़ानें रद की गईं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि देशभर के हवाई अड्डों पर यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मनमाने तौर-तरीके और गैरपेशेवर व्यवहार का आरोप झेल रही इंडिगो ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि उड़ानें रद या देरी होने का मुख्य कारण अचानक बड़ी संख्या में स्टाफ की अनुपस्थिति, क्रू की उपलब्धता में कमी, आपरेशनल मैनेजमेंट और सिस्टम सिंक्रोनाइजेशन में गड़बड़ी है। एक क्रू मेंबर के सीक्वेंसिंग में फंसने से कई उड़ानें एक के बाद एक रद करनी पड़ीं।
भारतीय विमानन परिषद के अध्यक्ष नितिन जाधव ने इंडिगो की उड़ानें रद होने की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, इसके लिए इंडिगो प्रबंधन ही जिम्मेदार है, पायलट नहीं। डीजीसीए (नागरिक विमानन महानिदेशालय) उसका समर्थन कर रहा है। मैं डीजीसीए और इंडिगो की सीबीआइ जांच की मांग करता हूं। इसके पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा है।
