योगी कैबिनेट विस्तार टला, UP politics में अब मई तक इंतजार
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार कर रहे विधायकों को झटका लगा है। होली के आसपास होने की उम्मीद वाला यह विस्तार अब मई 2024 तक के लिए टल गया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने फिलहाल अपनी प्राथमिकताएं बदल दी हैं, जिससे कई विधायकों का मंत्री बनने का सपना कुछ समय के लिए रुक गया है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व इस समय पूरी तरह से पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों में व्यस्त है। पार्टी आलाकमान का मानना है कि इन महत्वपूर्ण राज्यों के चुनावी समर के बीच उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार करना सांगठनिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा। नेतृत्व फिलहाल अपनी पूरी ऊर्जा इन राज्यों में जीत सुनिश्चित करने पर लगाना चाहता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब मंत्रिमंडल विस्तार मई 2024 के बाद ही संभव हो पाएगा। उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व और आरएसएस (RSS) फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। पार्टी का उद्देश्य एक ऐसा संतुलित मंत्रिमंडल तैयार करना है जो जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए अगले चुनाव की राह आसान कर सके।
मौजूदा स्थिति की बात करें तो योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत 25 मार्च 2022 को 53 मंत्रियों के साथ हुई थी। इनमें से कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद अब केंद्र में मंत्री बन चुके हैं और राज्यमंत्री अनूप प्रधान वाल्मीकि अब सांसद हैं। नियमों के अनुसार, यूपी विधानसभा की सदस्य संख्या के आधार पर अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी अभी भी करीब 9 से 10 मंत्रियों की जगह खाली है। इस विस्तार में न केवल नए चेहरों को शामिल किया जाना है, बल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना है।
