यूपी: आगरा में दहेज की भेंट चढ़ी मानवता, बहू पर ससुरालियों का बर्बर जुल्म
उत्तर प्रदेश के आगरा में दहेज उत्पीड़न और अमानवीय बर्ताव का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहां एक विवाहिता ने अपने ससुरालियों पर बेरहमी से मारपीट करने, निर्वस्त्र करने और जान से मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना समाज में व्याप्त दहेज प्रथा की क्रूरता को एक बार फिर उजागर करती है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 9 नवंबर को उसके ससुरालियों ने सारी हदें पार कर दीं। उसे बेरहमी से पीटा गया, निर्वस्त्र कर दिया गया और दिनभर पहनने के लिए कपड़े तक नहीं दिए गए। इतना ही नहीं, उसके निजी अंगों पर भी प्रहार किए गए। वह दर्द से चीखती रही, हाथ जोड़ती रही, लेकिन किसी को उस पर दया नहीं आई। उसके साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया गया और जान से मारने की कोशिश भी की गई। पीड़िता के शरीर पर जगह-जगह नीले निशान पड़े हुए हैं, और उसकी आंख, सिर तथा हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। उसे डंडों से पीटा गया और जमीन पर गिराकर लात-घूंसे भी मारे गए।
विवाहिता की शादी दो साल पहले दूरा, फतेहपुरसीकरी निवासी राजू के साथ हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुरालियों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया था। पति बिना किसी बात के गंदी गालियां देते थे और कभी भी मारपीट कर देते थे। इस बार की घटना में पति राजू, ससुर आनंदी, जेठ संतोष, सुभाष, जेठानी भगवती और गीता को नामजद किया गया है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि विवाहिता का मेडिकल कराया गया है और जरूरत पड़ने पर उसके बयान भी दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि निर्वस्त्र करके रखने के आरोपों में कितनी सच्चाई है। इसके लिए पुलिस की एक टीम विवाहिता की ससुराल जाएगी और गांव में लोगों से बातचीत कर साक्ष्य जुटाएगी। डीसीपी ने आश्वासन दिया कि जांच में आरोप सही पाए जाने और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि दहेज उत्पीड़न के खिलाफ समाज को और अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।
