Yamuna Expressway Accident: कोहरे में तेज रफ्तार और लापरवाही से लगी आग, 19 की मौत
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे की जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। घने कोहरे में 90 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ रही बसें और सड़क रखरखाव में बड़ी लापरवाही इस दुर्घटना का मुख्य कारण बनीं। इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई और 92 लोग घायल हुए।
सड़क सुरक्षा मानकों की कमी
जांच समिति ने पाया कि दुर्घटनास्थल पर रेट्रो रिफ्लेक्टर साइनेज, स्पीड कंट्रोल और समुचित प्रकाश की व्यवस्था नहीं थी। मथुरा डीएम द्वारा गठित छह सदस्यीय समिति ने अपनी 21 पृष्ठ की रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनास्थल पर दो कारों के चालकों के बीच विवाद के बाद एक बस ने दूसरी बस को टक्कर मारी, जिससे आग लग गई और यह नौ वाहनों तक फैल गई।
वाहनों की तेज गति और टक्करों का क्रम
जांच में यह भी सामने आया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की गति 70 से 90 किमी प्रति घंटा थी, जबकि यात्री बसों के लिए अधिकतम गति सीमा 60 किमी प्रति घंटा निर्धारित है। अतिरिक्त बैटरी और इनवर्टर लगे लग्जरी स्लीपर बसों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। कई बसों और एक कार के पूरी तरह जल जाने से शवों की पहचान मुश्किल हो गई थी।
