जासूसी के आरोपों के बीच ‘संचार साथी’ ऐप क्यों हुआ अनिवार्य? सरकार ने बताई वजह, जानें इसकी खासियतें
सरकार द्वारा स्मार्टफोन निर्माताओं को सभी नए उपकरणों में साइबर सुरक्षा एप संचार साथी लोड करने के आदेश का विपक्ष जमकर विरोध कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इससे जासूसी उपकरण के रूप में उपयोग किया जा सकता है। वहीं सरकार ने कहा है कि यह आदेश आइएमइआइ से छेड़छाड़ के कारण दूरसंचार साइबर सुरक्षा को होने वाले गंभीर खतरे से निपटने के लिए आवश्यक है। इस एप की शुरुआत मई, 2023 में की गई थी।
28 नवंबर को, भारत के दूरसंचार मंत्रालय ने सभी स्मार्टफोन निर्माताओं से अनुरोध किया कि वे अपने नए उपकरणों में यह एप पहले से लोड करें और यह सुनिश्चित करें कि यह पहली बार सेटअप करते समय दृश्यमान, कार्यात्मक और सक्षम हो। पहले से निर्मित उपकरणों के लिए, कंपनियों को साफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से एप इंस्टाल करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो यूजर इस एप को नहीं रखना चाहते वो अपने फोन से इसे अन्य एप्स की तरह अनइंस्टाल भी कर सकते हैं।
संचार साथी एप वर्तमान में एपल और एंड्रायड एप स्टोर पर उपलब्ध है। इसे एक नागरिक केंद्रित सुरक्षा उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह यूजर्स को डिवाइस के अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (आइएमइआइ) का उपयोग करके खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लाक और ट्रैक करने की अनुमति देता है। यह एप यूजर्स को यह जांचने में भी सक्षम बनाता है कि उनके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन पंजीकृत हैं। इससे धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए नंबरों की पहचान करने और उन्हें डिस्कनेक्ट करने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त, एप में संदिग्ध धोखाधड़ी वाले काल की रिपोर्ट करने और खरीद से पहले इस्तेमाल किए गए उपकरणों की प्रामाणिकता सत्यापित करने के टूल्स भी मौजूद हैं।
सरकार का कहना है कि यह एप एप्लिकेशन पर सूचना दिए बिना आपसे कोई भी विशिष्ट व्यक्तिगत जानकारी स्वचालित रूप से नहीं लेता है। इसकी गोपनीयता नीति के अनुसार, आइफोन के यूजर्स से कैमरा, फोटो और फाइलों तक पहुंच साझा करने की अनुमति मांगी जाएगी। एंड्रायड के लिए, यूजर्स से काल लाग साझा करने, पंजीकरण के लिए संदेश भेजने, आपके फोन में मोबाइल नंबरों का पता लगाने के लिए फोन काल करने और प्रबंधित करने, साथ ही कैमरा व फोटो तक पहुंच प्रदान करने के लिए पूछा जाएगा।
प्रयागराज: तेज रफ्तार बाइक ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर मौत; आरोपी फरार
संभल जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद: सुप्रीम कोर्ट में मामला होने के चलते टली सुनवाई, अब इस तारीख को होगी अगली पेशी
Kia EV2 ग्लोबल लॉन्च की तैयारी, जारी हुआ पहला टीजर; क्या भारत में भी आएगी ये EV?
बाढ़ रेल लूटकांड का मास्टरमाइंड बुधना गिरफ्तार, 10 लाख की लूट के बाद से था फरार
बिग बी के पैतृक गांव बाबूपट्टी का होगा कायाकल्प, मातृभूमि योजना के तहत मिलेंगी ये बड़ी सुविधाएं
किसानों के लिए खुशखबरी: फल-सब्जी ट्रांसपोर्टेशन पर 90% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन
हमीपुर में पुलिस टीम पर हमला, सिपाही को बंधक बनाकर पीटा; 19 नामजद समेत कई अज्ञात पर केस दर्ज
‘लाहौर 1947’ की कहानी पर बड़ा अपडेट, अली फजल ने बताया कैसी होगी सनी देओल की फिल्म
