विनोद तावड़े बने यूपी प्रभारी, राष्ट्रीय राजनीति में BJP की नई रणनीति
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस फैसले के साथ ही गुजरात के जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सहप्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। यह नियुक्ति पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संगठन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाना है।
विनोद तावड़े का अनुभव
विनोद तावड़े, जो महाराष्ट्र के मराठा समुदाय से आते हैं, को चुनावी रणनीतिकार और संगठनात्मक कार्यों में माहिर माना जाता है। उन्होंने पहले भी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक चुनावों की जिम्मेदारी संभाली है और 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए स्टार प्रचारक टूर की रणनीति तैयार करने में भी भूमिका निभाई है। तावड़े भाजपा के राष्ट्रीय सदस्यता अभियान, ‘मेरी माटी मेरा देश’, ‘हर घर तिरंगा’ और ‘मन की बात’ जैसे कई बड़े अभियानों के राष्ट्रीय समन्वयक भी रह चुके हैं। वे वर्तमान में महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं और पुणे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में भी सक्रिय भूमिका निभाई और मुंबई भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष बने। राज्यसभा सांसद बनने से पहले वे महाराष्ट्र विधान परिषद और विधानसभा के सदस्य भी रहे और देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
संगठनात्मक मजबूती पर जोर
यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश में भाजपा की संगठनात्मक पकड़ को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। तावड़े पिछले कुछ महीनों से उत्तर प्रदेश में सक्रिय थे और योगी कैबिनेट विस्तार के दौरान नामों के पैनल तैयार करने तथा संगठन विस्तार में भी उनकी भूमिका रही है। भाजपा संगठन की बैठकों में उनकी नियमित उपस्थिति को देखते हुए उनके प्रभारी बनने की अटकलें पहले से ही लगाई जा रही थीं। तावड़े को भाजपा के कुशल प्रबंधकों में गिना जाता है, जिन्होंने बिहार, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण प्रभार संभाले हैं।
इस फेरबदल से भाजपा आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की उम्मीद कर रही है।
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