आगरा से राजगढ़ तक 1253 किमी की गरुड़झेप मोहिम शुरू, शिवाजी महाराज की प्रतिमा का हुआ अभिषेक
आगरा के किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान, शिवाजी महाराज के अधीन रहे 101 किलों के पवित्र जल से उनकी प्रतिमा का अभिषेक किया गया। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंचे।
इस आयोजन के साथ ही, आगरा से राजगढ़ तक 1253 किलोमीटर की ‘गरुड़झेप मोहिम’ का शुभारंभ हुआ। इस लंबी यात्रा में सैकड़ों धावक और साइकिलिस्ट हिस्सा ले रहे हैं, जो शिवाजी महाराज के शौर्य और पराक्रम का संदेश लेकर आगे बढ़ेंगे। यह मोहिम न केवल एक शारीरिक चुनौती है, बल्कि शिवाजी महाराज के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का एक माध्यम भी है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री जयकुमार रावल व भरतसेठ गोगावले ने शिरकत की। उन्होंने शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मंत्रियों ने शिवाजी महाराज के जीवन और उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
महाराष्ट्र के मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने शिवाजी महाराज के स्मारक के लिए नौ करोड़ रुपये की राशि आवंटित कर मराठी समाज का सम्मान किया है। उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र सरकार 17 अगस्त को ‘शौर्य प्रेरणा दिवस’ के रूप में मनाने के लिए जल्द ही एक अध्यादेश जारी करेगी। यह कदम शिवाजी महाराज के बलिदान और उनके शौर्य को याद रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।
यह आयोजन शिवाजी महाराज के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करता है, जिसमें औरंगजेब की कैद से उनका पलायन और अन्याय के खिलाफ उनकी आवाज शामिल है। गरुड़झेप मोहिम के माध्यम से, शिवाजी महाराज के साहस, धैर्य और हिंदुत्व की भावना को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।
