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विदेशों में शिक्षा का क्रेज: 18 लाख से अधिक भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश में

By Dec 5, 2025

भारत से बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश का रुख कर रहे हैं। वर्तमान में, 18.82 लाख से अधिक भारतीय छात्र दुनिया भर के 153 देशों में अध्ययन कर रहे हैं। यह चौंकाने वाला आंकड़ा संसद में सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों से सामने आया है।

आंकड़ों के अनुसार, भारतीय छात्रों के लिए सबसे लोकप्रिय गंतव्यों में संयुक्त अरब अमीरात (2.53 लाख), कनाडा (4.27 लाख), संयुक्त राज्य अमेरिका (2.55 लाख), ऑस्ट्रेलिया (1.96 लाख) और यूनाइटेड किंगडम (1.73 लाख) शामिल हैं। ये देश भारतीय छात्रों को विभिन्न विषयों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करते हैं।

विदेश मंत्रालय के राज्य मंत्री ने संसद को सूचित किया कि भारतीय छात्र न केवल प्रमुख शिक्षा केंद्रों में बल्कि आर्मेनिया, जॉर्जिया, किर्गिस्तान और साइप्रस जैसे देशों में भी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि भारतीय छात्र शिक्षा के लिए विभिन्न विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

सरकार ने पिछले पांच वर्षों में विदेशों से निर्वासित या प्रवेश से वंचित किए गए छात्रों के संबंध में भी देशवार आंकड़े प्रस्तुत किए। यूनाइटेड किंगडम ने 170, अमेरिका ने 45 और ऑस्ट्रेलिया ने 114 छात्रों को निर्वासित किया। रूस ने 82, यूक्रेन ने 13, जॉर्जिया ने 17, फिनलैंड ने पांच और मिस्र ने दो छात्रों को निर्वासित किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वीजा नियमों का उल्लंघन इन निर्वासन का मुख्य कारण रहा है।

विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि वह भारतीय छात्रों के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और उनके साथ नियमित रूप से संवाद स्थापित करता है। छात्रों को भ्रामक विदेशी शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के बारे में जागरूक करने के लिए मंत्रालय द्वारा समय-समय पर एडवाइजरी भी जारी की जाती है। हाल के वर्षों में ‘ऑपरेशन गंगा’ और ‘ऑपरेशन कावेरी’ जैसे निकासी अभियानों ने विदेश में फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।

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