ईरान-अमेरिका शांति समझौते पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान, इजराइल पर साधा निशाना | US Iran Peace Deal
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ हुए शांति समझौते को लेकर इजराइल के कुछ नेताओं पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस डील का विरोध कर रहे हैं, उन्हें जमीनी हकीकत को समझना चाहिए। वेंस ने यह भी कहा कि यदि वे इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार का हिस्सा होते, तो दुनिया के सबसे बड़े सहयोगी अमेरिका पर इस तरह सवाल नहीं उठाते।
वेंस ने इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केवल सैन्य कार्रवाई से हर समस्या का समाधान नहीं हो सकता। वेंस ने सवाल उठाया कि इजराइल जैसे छोटे देश के पास क्या विकल्प है? उन्होंने जोर दिया कि हर समस्या का हल लोगों को मारकर नहीं निकाला जा सकता।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने डिजिटल हस्ताक्षर किए, जिससे यह समझौता लागू हो गया। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को 60 दिनों के लिए मुफ्त खोला जाएगा।
इस शांति समझौते के बाद भारत का पहला LNG टैंकर ‘दिशा’ होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर गुजरात के दहेज बंदरगाह पहुंच गया है। यह घटना होर्मुज में समुद्री आवाजाही के सामान्य होने का संकेत है, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
हालांकि, स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत अब नहीं होगी। यह घोषणा तब हुई जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी स्विट्जरलैंड यात्रा रद्द कर दी। वेंस को समझौते के कार्यान्वयन पर चर्चा करनी थी, लेकिन उनकी यात्रा टलने से यह स्पष्ट है कि अगले दौर की बातचीत फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी।
