VB-G Ram G बिल पर लोकसभा में हंगामा, कृषि मंत्री ने विपक्ष को दिया जवाब | India Politics News
भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, जिसे VB-G Ram G के नाम से भी जाना जाता है, पर लोकसभा में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों ने बिल के विरोध में सदन परिसर में मार्च निकाला और बिल वापस लेने की मांग की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के हंगामे के बीच बिल के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि सरकार किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं करती।
विपक्षी सदस्यों ने बिल पर चर्चा के दौरान भारी हंगामा किया और वेल में पहुंचकर कागज फेंके। इससे पहले बुधवार को इस बिल पर 14 घंटे तक चर्चा चली थी, जिसमें 98 सांसदों ने भाग लिया था। विपक्ष की मांग थी कि इस प्रस्तावित कानून को स्थायी समिति के पास भेजा जाए, क्योंकि यह 20 साल पुराने MGNREG एक्ट की जगह लेगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा (NREGA) में महात्मा गांधी का नाम 2009 के चुनावों को ध्यान में रखकर जोड़ा गया था। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी गांधीजी की नहीं मानी, जबकि उनकी सरकार गांधीजी का सम्मान करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई योजनाओं और सड़कों का नाम नेहरू-गांधी परिवार के सदस्यों के नाम पर रखा है, जो उनकी नाम रखने की सनक को दर्शाता है।
बिल पर हुई चर्चा के दौरान, मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा में कई कमियों को दूर किया है और इसमें हुए भ्रष्टाचार को भी उजागर किया है। उन्होंने कहा कि देश उनके लिए केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि एक भावना है और उनके विचार संकीर्ण नहीं हैं।
इस बिल के पास होने के बाद, स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस बिल का सार्वजनिक प्रभाव ग्रामीण रोजगार के अवसरों और आजीविका के साधनों को मजबूत करने की क्षमता में निहित है, जो देश के ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
