योगी सरकार में चार गुना बढ़ा UP tax revenue, वित्तीय मजबूती का प्रमाण
उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य के कर राजस्व में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है, जो राज्य की वित्तीय मजबूती का सीधा प्रमाण है। मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में कर राजस्व लगभग चार गुना बढ़कर वर्ष 2026-27 तक 3.34 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह वृद्धि राज्य के विकासोन्मुख एजेंडे और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं के रूप में मिलेगा।
सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस उल्लेखनीय वृद्धि को भाजपा सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सशक्त नेतृत्व का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि राजस्व तंत्र में सुधार और संग्रहण में वृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
डॉ. सिंह ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल से तुलना करते हुए बताया कि वर्ष 2012-13 में राज्य का कर राजस्व लगभग 54 हजार करोड़ रुपये था, जो 2016-17 में बढ़कर लगभग 85 हजार करोड़ रुपये हुआ था। उस दौरान प्रशासनिक शिथिलता, भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण के कारण राजस्व तंत्र में व्यापक रिसाव देखने को मिलता था, जिससे राज्य को भारी नुकसान उठाना पड़ता था।
वर्तमान भाजपा सरकार ने सख्त निर्णय, पारदर्शी नीतियां और भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहनशीलता अपनाकर राजस्व तंत्र को प्रभावी और जवाबदेह बनाया है। अवैध खनन, बालू माफिया, बिजली चोरी और संगठित राजस्व रिसाव पर की गई कठोर कार्रवाई ने कर संग्रह को मजबूत किया है। इन कदमों से न केवल राजस्व बढ़ा है, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता भी आई है।
बढ़ता हुआ UP tax revenue न केवल राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करता है, बल्कि यह भाजपा सरकार की विकासोन्मुख नीतियों और सशक्त नेतृत्व की ऐतिहासिक उपलब्धि को भी दर्शाता है। यह प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और जन कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायक होगा।
