यूपी का सरकारी चावल राजस्थान और गुजरात में बिक रहा, 296 क्विंटल जब्त, कालाबाजारी का खुलासा
धौलपुर जिले में उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित होने वाला सरकारी चावल राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में अवैध रूप से बेचा जा रहा था। रसद विभाग ने राजाखेड़ा कस्बे में एक गोदाम पर छापा मारकर इस कालाबाजारी का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में सरकारी राशन के 296 क्विंटल चावल जब्त किए गए हैं।
यह मामला उत्तर प्रदेश के गरीबों के लिए सरकारी योजनाओं के तहत भेजे जा रहे चावल के दुरुपयोग से जुड़ा है। धौलपुर के जिला रसद अधिकारी मणि खींची ने बताया कि मुनाफाखोरों द्वारा इस सरकारी चावल को करोड़ों के अवैध कारोबार का जरिया बनाया गया था। राजाखेड़ा में शमशाबाद मार्ग पर एक माल गोदाम में उत्तर प्रदेश से अवैध रूप से लाए गए चावल का स्टॉक किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान पहले दिन 125 क्विंटल चावल जब्त किया गया था। जांच का दायरा बढ़ने पर टीम ने कुल 296 क्विंटल चावल बरामद किया, जो उत्तर प्रदेश की सरकारी वितरण प्रणाली से संबंधित पाया गया। धौलपुर जिला कलेक्टर को मिली शिकायत के आधार पर यह अचानक कार्रवाई की गई थी।
इस मामले में व्यापारी अभिषेक जैन पुत्र आदिनाथ जैन के खिलाफ 14 जून को राजाखेड़ा थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी पर लंबे समय से उत्तर प्रदेश से सरकारी चावल खरीदकर उसे अवैध रूप से संग्रहित करने और कालाबाजारी करने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस चावल को राजाखेड़ा से अन्य राज्यों में ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भेजा जाता था, जिसमें गुजरात तक सप्लाई होने की जानकारी मिली है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
