यूपी चुनाव 2022: चंद्रशेखर आजाद का बड़ा दांव, आसपा के 45 विस प्रभारियों का ऐलान
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, आजाद समाज पार्टी (आसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक बड़ी राजनीतिक चाल चलते हुए 45 विधानसभा सीटों के लिए प्रभारियों की घोषणा की है। यह कदम बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से अलग हुए दलित वोट बैंक को अपने पाले में लाने की पार्टी की मंशा को स्पष्ट करता है। बसपा की तर्ज पर, आसपा भी इन प्रभारियों को भविष्य में टिकट देकर उम्मीदवार बना सकती है, जिससे चुनावी समीकरणों में हलचल मचना तय है।
आसपा की इस सूची में एक खास रणनीति दिखाई देती है, जिसमें 45 में से किसी भी सवर्ण जाति के व्यक्ति को प्रभारी नहीं बनाया गया है। पार्टी पूरी तरह से सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर आगे बढ़ रही है। घोषित प्रभारियों में दलित, ओबीसी और मुस्लिम समुदाय के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है। विशेष रूप से, लखीमपुर खीरी की पलिया सीट पर एक सिख समुदाय के व्यक्ति को प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो उस क्षेत्र की सिख बहुलता को देखते हुए एक सोची-समझी रणनीति है। कुल 45 में से, 16 सीटों पर ओबीसी, 17 पर अनुसूचित जाति और 11 पर मुस्लिम समुदाय के नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस नई सूची के साथ, आसपा आगामी विधानसभा चुनावों में बसपा और समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों के लिए एक मजबूत चुनौती के रूप में उभर सकती है। हाल ही में, चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा को छोड़कर किसी भी दल के साथ गठबंधन का संकेत दिया था। इस घोषणा को गठबंधन वार्ता से पहले दबाव बनाने की एक राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
आसपा ने अपनी चुनावी बिसात पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बिछाई है। शामली की थाना भवन, मुजफ्फरनगर की चरथावल, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, बरेली, लखनऊ कैंट से लेकर गोरखपुर, कुशीनगर, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर और वाराणसी की रोहनिया जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
पार्टी ने सुरक्षित (आरक्षित) सीटों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। हापुड़, हाथरस, आगरा कैंट, टुंडला, श्रीनगर, हरगाँव, मिश्रिख, गोपामाऊ, भरथना, बांसगांव, सलेमपुर, मछलीशहर और जखनियां जैसी आरक्षित सीटों पर संगठन को मजबूत करने के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
प्रभारियों की इस सूची में अनुभवी नेताओं को भी शामिल किया गया है। हाथरस (सुरक्षित) सीट पर पूर्व आईपीएस अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा को प्रभारी बनाकर पार्टी उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ उठाना चाहती है। इसी तरह, अलीगढ़ की छर्रा सीट पर पूर्व मंत्री चौधरी महेंद्र सिंह को जिम्मेदारी देकर उनके राजनीतिक अनुभव का उपयोग करने की कोशिश की गई है। इस तरह की नियुक्तियां पार्टी के जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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