UP Budget सत्र शुरू: योगी सरकार के मौजूदा बजट का आधा पैसा भी खर्च नहीं हुआ, विपक्ष ने घेरा
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सोमवार से शुरू हुए विधानमंडल के बजट सत्र में राज्य के विकास का नया रोडमैप पेश करने जा रही है। एक ओर 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा नया बजट पेश किया जाना तय है, वहीं दूसरी ओर चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) के बजट खर्च के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा बजट का एक बड़ा हिस्सा अब भी सरकारी फाइलों और आवंटन की प्रक्रियाओं में फंसा हुआ है।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्य बजट और दो अनुपूरक बजटों को मिलाकर कुल 8,65,079.46 करोड़ रुपये का विशाल आकार तैयार किया था। हालांकि, वित्त विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि 6 फरवरी तक इस राशि का केवल 54.42 प्रतिशत (4,70,835.97 करोड़) ही विभागों को आवंटित किया जा सका है। खर्च के मामले में स्थिति और भी चिंताजनक है। 6 फरवरी तक प्रदेश के विभागों ने कुल बजट का मात्र 49.53 प्रतिशत ही खर्च किया है।
कई महत्वपूर्ण विभागों को अब तक पर्याप्त फंड नहीं मिला है। नमामि गंगे को केवल 39.11% बजट मिला। सिंचाई विभाग 45% और नगर विकास को 47.22% बजट पर ही काम चला रहा है। पीडब्ल्यूडी को सड़कों के लिए 60% और ब्रिज के लिए 47.81% बजट आवंटित हुआ है। यह स्थिति दर्शाती है कि विकास परियोजनाओं को गति देने में सरकारी मशीनरी धीमी रही है।
सोमवार सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अभिभाषण के साथ बजट सत्र का आगाज हो गया है। पहले ही दिन सरकार 11 महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखेगी। मंगलवार को एक विधायक के निधन पर शोक संवेदना के बाद सदन स्थगित रहेगा और बुधवार, 11 फरवरी को राज्य का नया बजट पेश किया जाएगा।
विधानसभा सत्र के शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा भी शुरू हो गया है। अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्य शोर मचाते रहे। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सरकार को घेरने के लिए मुद्दों की लंबी सूची तैयार की है। विपक्ष मुख्य रूप से SIR (वोटर लिस्ट विशेष पुनरीक्षण अभियान), कानून-व्यवस्था और केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे ट्रेड डील के संभावित असर जैसे मसलों पर सरकार से जवाब मांगेगा।
