UP Bank Fraud: 65 करोड़ के FD घोटाले में CBI की रेड, Kanpur-Ghaziabad में छापेमारी
उत्तर प्रदेश में बैंक धोखाधड़ी के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। CBI ने बैंक ऑफ इंडिया की सदर शाखा में वन निगम के 65 करोड़ रुपये के फर्जी FD घोटाले की जांच शुरू की है। बैंक अधिकारियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद CBI ने कानपुर, गाजियाबाद और दिल्ली में कई स्थानों पर छापेमारी की है।
जांच एजेंसी के अनुसार, वन निगम के एमडी अरविंद कुमार की शिकायत पर दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें कई अनियमितताएं मिलीं। CBI ने लखनऊ में केस दर्ज कर तीन टीमें गठित कीं। छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और लैपटॉप जब्त किए गए। CBI सूत्रों के मुताबिक, फर्जी खाते खुलवाकर राशि हड़पने में दीपक और मनीष नामक दो युवकों की तलाश की जा रही है, जिन पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप है।
इसी बीच, लखनऊ के शंकुतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में 60 से अधिक ग्राहकों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ग्राहकों की शिकायत पर पुलिस ने बैंक मित्र शिवा राव और 2020 से तैनात शाखा प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित 10 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पीड़ित ग्राहकों के अनुसार, फर्जी एफडी बनाकर और खाते से रकम निकालकर 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई है। पीड़ितों में दूध कारोबारी राम सिंह यादव भी शामिल हैं, जिनके 18.60 लाख रुपये हड़प लिए गए। इस ठगी से कई ग्राहकों की निजी जिंदगी प्रभावित हुई है। एक पीड़ित फूलचंद्र ने अपने बेटे की शादी का रिसेप्शन रद्द कर दिया है, जबकि दिव्यांग छात्र राकेश मलिक की छात्रवृत्ति के पैसे भी गायब हो गए थे। पुलिस ने अन्य खाताधारकों से भी शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
