यूपी विधानसभा सत्र: अखिलेश यादव ने शिक्षा, बेरोजगारी पर योगी सरकार को घेरने की बनाई रणनीति
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र कल से शुरू होने जा रहा है, और इस सत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) योगी सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी विधायकों को शिक्षा, बेरोजगारी, सरकारी स्कूलों की बंदी, शिक्षकों के खाली पद, पेपर लीक, आरक्षण, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को मजबूती से घेरने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सपा के सभी विधायक सोमवार को सदन में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सरकारी स्कूलों को बंद करने, शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और शिक्षकों की भर्ती न करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 सालों में प्रदेश के 26386 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे लगभग 28 लाख बच्चों का नामांकन घटा है। इनमें एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के करीब 25 लाख बच्चे शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 2017 में जहां प्रदेश में लगभग 4 लाख शिक्षक थे, वहीं अब उनकी संख्या घटकर 3.46 लाख रह गई है, और 1.20 लाख से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्राओं की शिक्षा पर भी चिंता व्यक्त की, कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या में भी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का दावा करने वाली सरकार के स्कूलों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। हजारों स्कूलों में बिजली, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं है, और कई स्कूलों में कंप्यूटर तक नहीं हैं। यह स्थिति प्रदेश के लाखों बच्चों के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि शिक्षा की गुणवत्ता में कमी सीधे तौर पर युवाओं के रोजगार के अवसरों को प्रभावित करती है।
