धोखाधड़ी के आरोपी दो भाई छह साल बाद बरी, बैंक लोन मामला
बैंक में बंधक रखी गई जमीन को बेचकर धोखाधड़ी के मामले में आरोपित दो भाइयों, रमाकांत और उमेश, को बड़ी राहत मिली है। मथुरा की अदालत ने वादी और आरोपियों के बीच हुए समझौते को ध्यान में रखते हुए उन्हें बरी करने का आदेश दिया है। यह फैसला छह साल पुराने मामले पर आया है, जिसने आम जनता के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
यह मामला तब सामने आया जब प्रदीप अग्रवाल ने 22 जुलाई 2019 को आरोपित भाइयों से कृषि भूमि खरीदी और बैनामा कराया। तहसील में अपनी जमीन का इंद्राज कराने पहुंचे वादी को तब पता चला कि वह जमीन पहले से बैंक में बंधक है और इसलिए उनके नाम दर्ज नहीं हो सकती। इस पर वादी ने अछनेरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोपित भाइयों ने बाद में बैंक का पूरा लोन चुका दिया, जिसके बाद वादी और आरोपियों के बीच समझौता हुआ। अदालत ने इसी समझौते के आधार पर दोनों भाइयों को बरी कर दिया।
