एओजीएस आगरा में रोबोटिक सर्जरी से रसौली और एंडोमेट्रियोसिस का इलाज संभव
आगरा में आयोजित आगरा आब्सटेट्रिकल एंड गायनकोलोजिकल सोसायटी (एओजीएस) की संगोष्ठी में स्त्री रोग विशेषज्ञों ने रसौली (फाइब्रॉइड) और एंडोमेट्रियोसिस के इलाज में आई नई तकनीकों पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों के अनुसार, अब रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से इन जटिल बीमारियों का इलाज पहले से कहीं अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। इस नई तकनीक से मरीजों को कम चीर-फाड़ के साथ बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
जयपुर के विशेषज्ञ डॉ. फड़ेंद्र भारद्वाज ने बताया कि लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, जो कि ओपन सर्जरी की तुलना में कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया है, अब काफी प्रचलित हो गई है और इसके नतीजे भी संतोषजनक हैं। उन्होंने अन्य डॉक्टरों को भी इस तकनीक को सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
डॉ. कल्पना तिवारी ने रोबोटिक सर्जरी के नवीनतम विकास और इसके उपयोग से प्राप्त हो रहे उत्कृष्ट परिणामों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को इस उन्नत तकनीक में प्रशिक्षण लेना चाहिए ताकि वे मरीजों को सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान कर सकें।
एओजीएस की अध्यक्ष डॉ. रजनी पचौरी ने बताया कि रसौली और एंडोमेट्रियोसिस बांझपन, अत्यधिक दर्द और अनियमित रक्तस्राव के प्रमुख कारण हैं। इन समस्याओं का समय पर और सही इलाज मरीज और उसके परिवार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बरतने का आग्रह किया।
सचिव डॉ. मीनल जैन ने चिंता व्यक्त की कि खराब जीवनशैली और खानपान के कारण कम उम्र की महिलाएं भी इन समस्याओं का शिकार हो रही हैं। इस संगोष्ठी के दौरान, ‘सिल्वर स्टेथोस्कोप अवार्ड्स’ के तहत उत्कृष्ट डॉक्टरों को सम्मानित भी किया गया।
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