आगरा का हिस्ट्रीशीटर अली शेर, 38 मुकदमों के बाद छह महीने के लिए हुआ जिला बदर
आगरा जिले की सीमा में अब कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अली शेर छह महीने तक प्रवेश नहीं कर पाएगा। अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल ने गुंडा एक्ट के तहत सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किए हैं। अली शेर के विरुद्ध कुल 38 मुकदमे दर्ज हैं और वह पुलिस रिकॉर्ड में एक सक्रिय और अभ्यस्त अपराधी के तौर पर चिन्हित है। इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उसके भय के कारण लोग खुलकर बोलने से कतराते थे।
अली शेर के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 1994 में मारपीट और लूट जैसी धाराओं में दर्ज हुआ था। धीरे-धीरे उसने इलाके में अपनी दबंग छवि बना ली और विवादित जमीनों के सौदों में भी उसका हिस्सा रहने लगा। वर्ष 2008 में उसने पुलिस पर पथराव भी कराया था। उसके भय के कारण इलाके में कोई उसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। हाल के वर्षों में भी उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हुए थे।
पुलिस पूर्व में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर चुकी है। 21 अगस्त 2025 को उसे गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद कई शिकायतें सामने आईं। अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट में उसका पूरा आपराधिक इतिहास पेश किया, जिसके आधार पर अपर पुलिस आयुक्त ने उसे छह महीने के लिए जिला बदर करने का फैसला सुनाया।
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