आईआईएम लखनऊ में AI से जुड़े तीन नए कोर्स शुरू, तैयार होंगे भविष्य के लीडर्स
आईआईएम लखनऊ भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। संस्थान ने सत्र 2026-27 और 2027-28 से तीन नए AI-आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव 2026’ में इन पाठ्यक्रमों का उद्घाटन किया, जो देश में तकनीकी शिक्षा के भविष्य के लिए एक नई दिशा तय करेगा। ये पहल छात्रों को अत्याधुनिक AI कौशल और व्यावसायिक समझ के साथ सशक्त बनाने पर केंद्रित है, जिससे वे तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल परिदृश्य में नेतृत्व कर सकें।
इन नए पाठ्यक्रमों में सबसे पहले सत्र 2026-27 से चार वर्षीय ‘बीएस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड बिजनेस एनालिटिक्स’ कोर्स शुरू होगा। यह उन छात्रों के लिए है जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनके पास जेईई क्वालीफाइंग रैंक होगी। इसके बाद, सत्र 2027-28 से दो वर्षीय ‘टेक एमबीए’ पाठ्यक्रम और एक ‘इंटीग्रेटेड बीएस टेक एमबीए’ पाठ्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। इंटीग्रेटेड कोर्स छात्रों को पांच वर्षों में दोनों डिग्री पूरी करने का विकल्प देगा, जिससे उन्हें तकनीकी विशेषज्ञता और प्रबंधन कौशल का एक साथ लाभ मिलेगा।
आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. एमपी गुप्ता ने इस पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नए AI कार्यक्रम सोच-समझकर डिजाइन किए गए मॉड्यूलर कोर्स पाठ्यक्रम के माध्यम से व्यावसायिक कौशल और तकनीकी गहराई को सहजता से जोड़ते हैं। उन्होंने जोर दिया कि संस्थान का लक्ष्य प्रौद्योगिकी नवाचार और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बिजनेस मॉडल के बीच की खाई को पाटना है। ये पाठ्यक्रम न केवल छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करेंगे बल्कि भारत को वैश्विक AI क्षेत्र में एक मजबूत स्थिति में लाने में भी मदद करेंगे।
