UP में Smart Prepaid Meter से 300 से ज्यादा विद्युत सखियों की कमाई पर संकट, विभाग कर रहा मंथन
गोरखपुर जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद से विद्युत सखियों की कमाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जिले में 314 विद्युत सखियां काम कर रही हैं। ये सखियां पहले बिजली उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर बिल की जानकारी लेती थीं और रुपये जमा कराती थीं। इसके एवज में उन्हें कमीशन मिलता था, जिससे उनकी अच्छी आय होती थी।
पिपरौली की महिमा गुप्ता जैसी कई विद्युत सखियां हर महीने 25 से 30 हजार रुपये तक कमाती थीं। उन्हें दो हजार रुपये से कम जमा करने पर प्रति बिल 20 रुपये और दो हजार रुपये से ज्यादा जमा करने पर कुल जमा बिल का एक प्रतिशत कमीशन मिलता था। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं इस काम से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही थीं।
हालांकि, अब हर परिसर में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगने की अनिवार्यता के बाद उनकी कमाई कम होने लगी है। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता सीधे ऑनलाइन रिचार्ज कर सकते हैं, जिससे बिल जमा कराने के लिए सखियों की जरूरत कम हो गई है।
विद्युत सखियों की कमाई न रुके इसके लिए शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। जिला प्रबंधक, एनआरएलएम अभिषेक वर्मा ने बताया कि प्रीपेड मीटर रिचार्ज कर भी कमाई हो सकती है। जल्द ही नई व्यवस्था के बारे में पता चलेगा ताकि इन सखियों की आजीविका पर कोई असर न पड़े।
गोरखपुर में पंचायत चुनाव से पहले बड़ा बदलाव: 1.74 लाख वोटरों के नाम कटे, 5 लाख से अधिक डुप्लीकेट वोटरों की पहचान
गोरखपुर में मौसम का डबल अटैक: दिन में धूप, रात में कड़ाके की ठंड; पहाड़ों की हवा ने बढ़ाई गलन
गोरखपुर में कुत्तों का आतंक! PR सर्टिफिकेट के पचड़े में फंसा बंध्याकरण अभियान, लोगों की जान पर खतरा
IndiGo संकट का असर रोडवेज पर भी दिखा, दिल्ली के लिए चलीं 36 बसें
गोरखपुर में हैवानियत: वीडियो बनाकर किशोर को ब्लैकमेल किया, 10 दिन तक 4 युवकों ने किया कुकर्म; पुलिस में शिकायत
जमीन हड़पने के लिए ‘जिंदा’ किए मृत लोग! पेशकार समेत 5 पर मुकदमा दर्ज
इंडिगो संकट ने बढ़ाई मुश्किल, दिल्ली-मुंबई की ट्रेनों में मारामारी; क्लोन ट्रेनें भी फुल, जानिए किसमें है सीट
गोरखपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो का ‘संकट’, हैदराबाद की उड़ान रद्द होने से यात्री परेशान
