राहुल गांधी के साथ आए प्रदर्शनकारियों का पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर का गंभीर आरोप | national news
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए एनएसयूआई के छात्र-छात्राओं ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर और अमानवीय प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। हिरासत के दौरान कथित ज्यादतियों का शिकार हुए इन छात्रों ने राहुल गांधी की मौजूदगी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी आपबीती साझा की, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
छात्राओं ने बयां किया दर्द
प्रदर्शन में शामिल ऋतु बरारा नामक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अत्यधिक हिंसा की। उनके अनुसार, पुलिस ने उन्हें बस से घसीटा, पेट के निचले हिस्से में लात मारी और निजी अंगों पर हमला किया। छात्राओं का यह भी दावा है कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनका गला दबाया और उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए। एक अन्य छात्रा ने बताया कि हाथापाई के दौरान उसके कान की बाली कान के अंदर चली गई थी, जिसे बाद में डॉक्टरों के हस्तक्षेप से बाहर निकाला गया। इस तरह के गंभीर आरोपों ने कानून-व्यवस्था और पुलिसई तौर-तरीकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सार्वजनिक जीवन पर प्रभाव
लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच इस तरह का टकराव आम जनता के अधिकारों और पुलिस सुधारों पर गंभीर बहस को जन्म देता है। ऐसे मामलों से प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और नागरिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता महसूस की जाती है। इन तमाम आरोपों के संबंध में पुलिस विभाग की तरफ से आधिकारिक पक्ष आना अभी बाकी है।
