सुनील मित्तल का एलॉन मस्क को दो टूक जवाब, कहा- मैं कतार में आपसे काफी आगे | business news
भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के बाजार में उतरने को लेकर अमेरिकी उद्योगपति एलॉन मस्क और भारतीय उद्योगपतियों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम में अब घरेलू कंपनियों की तरफ से भी स्थिति स्पष्ट की जाने लगी है, जिससे यह साफ होता है कि अनुमति की प्रक्रिया सभी कंपनियों के लिए एक समान रूप से लागू हो रही है।
भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने इस पूरे विवाद पर खुलकर बात रखी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी एयरटेल ने सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए पांच साल पहले ही आवेदन कर दिया था। इसके अलावा, कंपनी का जमीनी नेटवर्क भी पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह तैयार बैठा है। मित्तल ने स्पष्ट किया कि वे भी सभी आवश्यक मंजूरियों का इंतजार कर रहे हैं और इस कतार में वे एलॉन मस्क से काफी आगे हैं।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एलॉन मस्क ने सोशल मीडिया पर भारत में स्टारलिंक की एंट्री में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए थे। मस्क ने कुछ भारतीय औद्योगिक घरानों का नाम लेते हुए यह तक कह दिया था कि क्या वही देश के असली बॉस हैं। उनके इस बयान पर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। हालांकि, सत्तारूढ़ दल और उद्योग जगत के दिग्गजों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन और लाइसेंसिंग की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के दायरे में है।
सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक देश के उन दूरदराज के इलाकों, पर्वतीय क्षेत्रों और ग्रामीण हिस्सों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है जहां पारंपरिक फाइबर नेटवर्क या मोबाइल टावर लगाना असंभव सा है। ऐसे में इस सेक्टर में आने के लिए केवल विदेशी कंपनियां ही नहीं, बल्कि घरेलू और समर्थित कंपनियां भी कतार में हैं और सभी को एक तय कानूनी और सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।
