ताजमहल का गुंबद अब बिना पाड़ के दिखेगा, नए साल में खूबसूरत व्यू का आनंद लें
नए साल में पर्यटक ताजमहल के गुंबद और कलश को बिना किसी पाड़ या मचान के देख सकेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने गुंबद के संरक्षण का कार्य पूरा कर लिया है और अब धीरे-धीरे पाड़ को हटाया जा रहा है। उम्मीद है कि 15 जनवरी तक यह काम पूरा हो जाएगा, जिससे पर्यटकों को एक बेहतर और अबाधित नज़ारा देखने को मिलेगा।
यह संरक्षण कार्य मुख्य मकबरे में शाहजहां और मुमताज की कब्रों वाले कक्ष में सितंबर 2024 में हुई वर्षा के कारण पानी टपकने की समस्या के बाद शुरू किया गया था। एएसआई ने लिडार तकनीक से जांच की, जिसमें रिसाव का पता चला। ड्रोन से ली गई थर्मल इमेज में कलश के अंदर पानी भी दिखा। करीब 78 लाख रुपये की लागत से जून 2025 में शुरू हुए इस काम में गुंबद पर पाड़ बांधी गई थी, जिससे ताजमहल का दृश्य प्रभावित हो रहा था।
हाल ही में सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) की टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद एएसआई ने पाड़ हटाने की प्रक्रिया शुरू की। गुंबद के उल्टे कमल से लेकर कलश तक बंधी पाड़ का अधिकांश हिस्सा हटा दिया गया है, जिससे रॉयल गेट और सेंट्रल टैंक से ताजमहल का पूरा व्यू दिखने लगा है।
ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि मौसम ठीक रहा तो 15 जनवरी तक शेष पाड़ भी हटा दी जाएगी। यह संरक्षण कार्य आठ दशक बाद हुआ है; आखिरी बार 1941-42 में गुंबद का संरक्षण किया गया था।
