Agra Metro का पहला अंडरग्राउंड ट्रायल शुरू, बिजलीघर से ISBT तक धीमी गति से चली मेट्रो
आगरा में मेट्रो के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, शहर के पुराने और घनी आबादी वाले हिस्से में आगरा मेट्रो का पहला भूमिगत परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंगलवार शाम को उप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) की टीम ने बिजलीघर चौराहा से आइएसबीटी तक लगभग पांच किलोमीटर लंबे ट्रैक पर यह ट्रायल चलाया। इस परीक्षण के दौरान मेट्रो ने अधिकतम पांच किलोमीटर प्रति घंटा की धीमी गति से यात्रा की।
यह परीक्षण अप लाइन पर किया गया और यह अगले दो महीनों तक जारी रहेगा। इस दौरान, विभिन्न टीमें ट्रैक, सिग्नलिंग प्रणाली और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं की गहन जांच करेंगी। परीक्षण के समय यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार भी मौजूद रहे, जिन्होंने कोच में बैठकर ट्रायल का अनुभव लिया और इंजीनियरों से महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
आगरा मेट्रो का पहला कॉरिडोर 14 किलोमीटर लंबा है, जो टीडीआइ माल फतेहाबाद से सिकंदरा तिराहा तक फैला है। इस कॉरिडोर का छह किलोमीटर लंबा प्राथमिक खंड, जिसमें तीन एलिवेटेड और तीन भूमिगत स्टेशन शामिल हैं, डेढ़ साल पहले चालू हो चुका है। हाल ही में पूरा हुआ बिजलीघर चौराहा से आइएसबीटी तक का पांच किलोमीटर का ट्रैक, जिसमें चार भूमिगत और एक एलिवेटेड स्टेशन शामिल है, इस परीक्षण का हिस्सा है। आइएसबीटी स्टेशन का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है।
इस ट्रायल के सफल समापन के बाद, जब यह खंड आम जनता के लिए खोला जाएगा, तब मेट्रो की गति को बढ़ाकर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक किया जा सकेगा, जिससे शहर में यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
