थाने में सुलझा दंपत्ति का विवाद, सात फेरों की तरह दोबारा बंधे
हमीरपुर में रिश्तों की टूटी डोर को एक बार फिर से जोड़ने का एक सुखद उदाहरण सामने आया है। महिला थाने की सक्रियता और सूझबूझ से दो वर्षों से अलग रह रहे एक पति-पत्नी के बीच न केवल सुलह हुई, बल्कि उन्होंने थाने में ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर और मुंह मीठा कराकर अपने रिश्ते को एक नई शुरुआत दी। इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इस सुलह से उस मासूम बच्ची के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई, जो अपने पिता के प्यार से वंचित थी।
मामला जनपद महोबा के खन्ना गांव निवासी रोशनी से जुड़ा था, जिसने अपने पति मुन्ना के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि वे अलग रहने लगे थे। इस अलगाव का सबसे बुरा असर उनकी छोटी सी बेटी पर पड़ रहा था, जो अपने पिता के स्नेह से कोसों दूर थी।
बुधवार को महिला थानाध्यक्ष गायत्री सिंह ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया। परिवार परामर्श केंद्र में दोनों को बिठाकर उनकी समस्याओं को सुना गया और उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। महिला थानाध्यक्ष ने दोनों को समझाया कि किस तरह उनके अलगाव का उनकी बेटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और कैसे वे मिलकर एक खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
थानाध्यक्ष के प्रयासों और समझाइश का असर हुआ। दोनों पति-पत्नी एक साथ रहने के लिए राजी हो गए। इस मौके पर थाने का माहौल बेहद भावुक और खुशनुमा हो गया। दोनों ने थाने में ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और मिठाई खिलाकर अपने रिश्ते की कड़वाहट को मिठास में बदला। पति मुन्ना ने भी अपनी मासूम बेटी को प्यार से दुलारा, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो उठे। इस अवसर पर दोनों पक्षों के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे, जिन्होंने बिछड़े परिवार को एक होते देखकर खुशी जताई। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सूझबूझ और मानवीय दृष्टिकोण से कई जटिल समस्याओं का समाधान संभव है, और रिश्तों में आई दरार को भरा जा सकता है।
