टैक्स चोरी मामला: रिमझिम इस्पात के निदेशकों समेत सात के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, Kanpur court
कानपुर की जिला न्यायालय ने टैक्स चोरी के एक 12 साल पुराने मामले में रिमझिम इस्पात व जूही एलॉयज लिमिटेड के निदेशकों सहित सात लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। स्पेशल सीजेएम ने सभी आरोपियों को 15 सितंबर तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हमीरपुर के सुमेरपुर थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं।
विशेष लोक अभियोजक अंबरीश टंडन ने बताया कि यह मामला वर्ष 2014 का है, जब डीजीजीआई ने हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर स्थित रिमझिम इस्पात की फैक्ट्री और कार्यालय पर छापा मारा था। इस दौरान 6.68 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई थी। इस कार्रवाई के बाद फर्म और उसके निदेशकों के खिलाफ परिवाद दाखिल किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों ने विभिन्न अदालतों में राहत पाने की कोशिश की, जिसमें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी शामिल हैं, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामला फिर से स्पेशल सीजेएम कोर्ट में आया। कोर्ट ने पाया कि आरोपी प्रकरण की पूरी जानकारी रखते हैं और उन्होंने अभी तक जमानत नहीं कराई है, जिससे आगे की कार्रवाई बाधित हो रही है। इसी के चलते अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी करने का फैसला किया।
इस वारंट के जारी होने से कर चोरी के मामलों में सरकारी राजस्व की वसूली और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को बल मिलेगा। यह उन लोगों के लिए एक सख्त संदेश है जो कर चोरी जैसे वित्तीय अपराधों में लिप्त हैं।
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