आतंकियों का भारत पर कब्जे का झूठा वादा, किशोरों को बरगलाने का NIA जांच में खुलासा
छत्तीसगढ़ में पाकिस्तान स्थित ISIS मॉड्यूल के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो मुस्लिम किशोरों से आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने पूछताछ जारी रखी है। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी आतंकी हैंडलरों ने इन किशोरों को यह कहकर बरगलाया था कि आने वाले पांच से दस वर्षों में भारत पर कब्जा कर लिया जाएगा।
रायपुर और भिलाई से मंगलवार को गिरफ्तार किए गए दोनों किशोरों को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है, जहाँ उनसे पूछताछ की जा रही है। ATS द्वारा जुटाए गए तथ्यों और सबूतों को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के साथ साझा कर दिया गया है, जो अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलरों ने अत्यंत सुनियोजित तरीके से इन किशोरों को अपनी कट्टरपंथी विचारधारा के जाल में फंसाया। उन्हें धर्म के नाम पर ‘जेहाद’ के लिए उकसाया गया और यह विश्वास दिलाया गया कि उनका यह कदम धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। हैंडलरों ने उन्हें एक ऐसा नेटवर्क बनाने के लिए भी प्रेरित किया, जिसमें ऐसे अन्य युवाओं को जोड़ा जा सके जो उनकी विचारधारा से प्रभावित हो सकते थे।
यह भी पता चला है कि दोनों किशोरों को राज्य के भीतर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपने की योजना थी। हालाँकि, ATS ने समय रहते इन दोनों को गिरफ्तार करके इस बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।
ATS अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों किशोरों के परिवारों को भी मौजूद रखा गया है, ताकि उन पर किसी भी तरह का मानसिक दबाव न पड़े। इसके साथ ही, दोनों किशोरों को मनोवैज्ञानिक परामर्श भी दिया जा रहा है, ताकि उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा के प्रभाव से बाहर निकाला जा सके और सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सके। यह घटना युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा के बहकावे से बचाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
